संदेश

जंगल किंग

 कभी घने, हरे-भरे जंगल में एक शेर रहता था। उसका नाम था सिंहराज। वह ताकतवर और तेज था, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताकत उसका न्याय और दया थी। इसी वजह से जंगल के सारे जानवर उसे जंगल किंग कहते थे। शांति भंग करने वाला संकट एक दिन, दूर के पहाड़ों से कुछ शिकारी जंगल में घुस आए। वे कई जानवरों को पकड़कर ले जाने की योजना बना रहे थे। धीरे-धीरे उनकी जाल में हिरण, खरगोश, और कुछ पक्षी फँस गए। जंगल में डर का माहौल फैल गया। सिंहराज की योजना जब सिंहराज को यह खबर मिली, तो उसने तुरंत जंगल परिषद बुलाई। हाथी, बंदर, भालू और तोते—all एक साथ आए। सिंहराज ने कहा— "हम साथ हैं, तो कोई हमें हरा नहीं सकता।" उसने सबको काम बाँट दिया— हाथी को पेड़ों को गिराकर शिकारी के रास्ते बंद करने थे। बंदरों को ऊपर से पत्थर और टहनियाँ गिरानी थीं। तोते को आसमान से नज़र रखनी थी। खुद सिंहराज सामने से दहाड़ मारकर शिकारी को डराने वाला था। जंगल का संग्राम अगली सुबह, शिकारी फिर आए। लेकिन जैसे ही वे जंगल में घुसे, पेड़ उनके रास्ते में गिर गए। ऊपर से बंदरों ने शोर मचाया, और सिंहराज की गगनभेदी दहाड़ से पूरा जंगल गूँज उठा। शिकारी डर गए और...